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ओरिएंटल यूनिवर्सिटी में “बौद्धिक संपदा अधिकार” पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित
ओरिएंटल यूनिवर्सिटी, इंदौर के बौद्धिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठ द्वारा विधि संकाय के सहयोग से “बौद्धिक संपदा अधिकार” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व, उनके संरक्षण तथा व्यावहारिक उपयोग के बारे में जागरूक करना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सुश्री पूर्वी खंडेलवाल (अधिवक्ता, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय) रहीं। उन्होंने छात्रों को पेटेंट, प्रतिलिप्याधिकार, व्यापार चिह्न, अभिकल्प तथा इनके विधिक संरक्षण की प्रक्रिया को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने विशेष रूप से नव उद्यम, अनुसंधान एवं नवाचार में बौद्धिक संपदा अधिकारों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विधिक समस्याओं, अध्ययन प्रकरणों तथा करियर अवसरों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा विस्तृत समाधान दिया गया। इससे विद्यार्थियों को विषय की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. (डॉ.) कृतिका डेनियल एवं प्रो. (डॉ.) अंकिता निरवानी रहे।
कार्यक्रम की सफलता पर ओरिएंटल यूनिवर्सिटी इंदौर के कुलाधिपति माननीय श्री प्रवीण ठकराल, प्रति-कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) ध्रुव घई, कुलगुरु प्रो. (डॉ.) अमोल गोरे तथा मुख्य प्रबंध निदेशक प्रो. (डॉ.) गरिमा घई ने विधि संकाय एवं आयोजन समिति को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं। उन्होंने इस प्रकार के ज्ञानवर्धक आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने हेतु प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। अंत में आयोजकों द्वारा मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया गया तथा विद्यार्थियों को बौद्धिक संपदा अधिकार जागरूकता को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।


